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Yad ShaYarI HinDi याद शायरी हिंदी Remember Shayari QuaT CollectioN MyMatruBhashA.CoM

याद शायरी (Remember poetry)*
 आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये ..
तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये
कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें
और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये 

* “ओस की बूंदे है, आंख में नमी है,
ना उपर आसमां है ना नीचे जमीन है
ये कैसा मोड है जिन्‍दगी का
जो लोग खास है उन्‍की की कमी हैं ” 

* “हंसी ने लबों पर थ्रिकराना छोड दिया ख्‍बाबों ने सपनों में आना छोड दिया नहीं आती अब तो हिचकीया भी शायद आपने भी याद करना छोड’ दिया ” 

* सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे,
देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे,
पर जब जब सामने आया उनका चेहरा,
सोचा एस बार देखले, अगली बार भूल जाएँगे……

* सभी नगमे साज़ मैं गाये नहीं जाते …
सभी लोग महफ़िल मैं बुलाये नहीं जाते …
कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते …
कुछ दूर रह कर भी भुलाये नहीं जाते … 

* न वो आ सके न हम कभी जा सके!
न दर्द दिल का किसी को सुना सके!
बस बैठे है यादों में उनकी!
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके! 

* जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती!
मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती!
बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से!
उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती! 

* न वो आ सके न हम कभी जा सके!
न दर्द दिल का किसी को सुना सके!
बस बैठे है यादों में उनकी!
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके! 

* तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया!
तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया!
अब हमने चाँद को देखना छोड़ दिया!
और तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया! 

* कलम चलती है तो दिल की आवाज लिखता हूँ;
गम और जुदाई के अंदाज़-ए-बयां लिखता हूँ;
रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आंसू;
मैं जब भी उसकी याद में अल्फाज़ लिखता हूँ। 

* मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते
रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते

तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नहीं लगता
चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते

दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं
मचला भी तो सीने से लगा क्यों नहीं लेते

खत लिखकर कभी और कभी खत को जलाकर
तन्हाई को रंगीन बना क्यों नहीं लेते. 

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